वेद कितने हैं उनके नाम बताइए

PALASHIYACLASS
0

वेद कितने हैं उनके नाम बताइए ved kitne prakar ke hote hain naam bataiye

हेलो दोस्तों में अनिल कुमार पलाशिया आज फिर आपके लिए एक और महत्वपूर्ण लेख को लेकर आ रहा हु इस लेख में हम आपके लिए वेद कितने हैं उनके नाम बताइए ved kitne prakar ke hote hain naam bataiye से सम्बंधित जानकारी को इस लेख में हम प्रतियोगिता परीक्षा के लिए इस लेख में महत्वपूर्ण जानकारी को देखेंगे .


वेद कितने हैं उनके नाम बताइए


वेद कितने हैं 

वेद चार प्रकार के होते है इन वेदों में प्राचीन ग्रंथो के साथ प्राचीन श्लोक , और रचना सभी आपको यहा देखने को मिलेगा . वेद में सभी इश्वर की जानकारी श्लोक यहा आपको देखने को मिलेगा .वेद चार प्रकार के होते है 

  • ऋग्वेद 
  • सामवेद 
  • यजुर्वेद 
  • अर्थवेद 

ऋग्वेद क्या है 


  • रचना के क्रमबद्ध अध्यन को ऋग्वेद कहते है 
  • इसमें 10 मंडल होते है 
  • इसमें 1028 सुक्तिया होती है 
  • इसमें 10462 रचनाये होती है 
  • ऋग्वेद की रचना विश्वामित्र की गई 

  • ऋग्वेद के तीसरे मंडल में में सूर्य देवता सावित्री को समर्पित गायत्री मंत्र है 

  • ऋग्वेद में कई परिच्छेद में प्रयुक्त अधन्य शब्द का सम्बन्ध गाय से है 
  • ऋग्वेद में इंद्र के लिए 250 तथा अगनी के लिए 200 रचनाये है 
  • वैदिक साहित्य में ऋग्वेद के बाद शतपत ब्राह्मण का स्थान है 

वेद कितने हैं उनके नाम बताइए


यजुर्वेद की जानकारी 

  • यजुर्वेद में स्वर पाठ का अध्यन किया जता है 
  • पशु बलि के बारे में बताया गया है 
  • इसमें यज्ञ के नियम और विधि विधान के बारे में बताया गया है 
  • इसमें बलिदान विधि का वर्णन किया गया है 
  • इसमें गद्द और पद्द दोनों होते है 


सामवेद की जानकारी 

  • इस वेद में जब यग किया जाता है उस समय रचनाये या मंत्रो को बोला जाता है 
  • इसका संकलन ऋग्वेद पर आधारित है 
  • इसमें 1810 सूक्त होते है 
  • यह सूक्त ऋग्वेद से लिया गया है 
  • इस वेद को भारतीय संगीत का जनक भी माना जाता है 
  • यजुर्वेद और सामवेद में किसी भी प्रकार से ऐतिहासिक घटना का वर्णन नहीं किया गया है 


अर्थवेद की जानकारी 

  • इस वेद में 731 मंत्र तथा 6000 पद्द है 
  • इसमें कुछ मंत्र ऋग्वेद से भी प्राचीन है
  • ओषधियो का उल्लेख सबसे पहले अर्थवेद में किया गया है 
  • इसमें अन्धविश्वासो का वर्णन किया गया है 
  • इसमें मानव के  सभी पक्षों का वर्णन किया गया है 
  • इसमें कृषि , व्यपार , रोग , विवाह , राजभक्ति , राजा का चुनाव , ओषधियो का उल्लेख किया गया है 
  • सबसे प्राचीन वेद ऋग वेद है और और  सबसे बाद का वेद अर्थ वेद है  

दक्षिण भारत का पठार 

दोस्तों इस लेख में हमने आपके लिए वेद से सम्बंधित जानकारी को इस लेख में रखा है जिससे आपको सभी प्रकार की जानकारी देखने को मिलेगा . इसमें हमने वेद कितने हैं उनके नाम बताइए ved kitne prakar ke hote hain naam bataiye चार वेद के नाम सबसे बड़ा वेद कौन सा है वेद का दूसरा नाम क्या है वेद का अर्थ से सम्बंधित जानकरी को रखा है 

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top